Friday, January 16, 2009

प्यार का खुमार

पिछले दिनों से मन में,
कुछ तो हलचल सी है|
तेज धड़कनें और,
हाथों में कम्पन सी है|
सब कुछ अच्छा-अच्छा,
और मनभावन सा लगता है|
कुछ बोरिंग प्रोफेसर का भी,
लेक्चर अच्छा सा लगता है|
बैठे-बैठे चेहरे पर यूँ ही,
मुस्कान बिखर जाती है|
और फ़िर आँखें जाने
किन यादों में खो जाती हैं|
आंखों में कुछ तो अनदेखे,
चेहरे पल भर को दिखते हैं|
फ़िर वैसे ही जल्दी से,
छूमंतर हो जाते हैं|
ये कैसा धुंधलका है, जिसने अपने पीछे
जाने कौन सा, चेहरा छुपा रखा है|
ये धुंध हटने के, इंतज़ार में ही
दिन पूरा कट जाता है|
और रातें भी करवटें,
बदल-बदल कट जाती हैं|
मखमल का बिस्तर भी,
सुइयों सा चुभता है
कौन है जिसका चेहरा,
सपनों में भी दिखता है|
कौन हो तुम, क्यूँ मेरी
नींदें उदा रही हो,
क्यूँ हौले-हौले मुझे,
दीवाना बना रही हो|
अब तो सपनों की, दुनिया से बाहर आओ
कौन हो तुम आख़िर, कुछ तो बतलाओ|


Friday, January 9, 2009

हे प्रियतम सच बोलो ...

प्रियवर तेरे जाने के बाद
आंखों में खालीपन है
तन्हाई में
तेज हवा के झोंके
सूँ
सूँ करके
कुछ तो कहने को आतुर हैं
हे प्रिय सच बोलो
क्या तुमने इनसे कोई
संदेश मुझे भिजवाया है
हे प्रिय सच बोलो
क्या तेरे सपने भी
अब खाली खाली रहते हैं
या अब उनमें
नया कोई चेहरा
दिखलाई
पड़ता है
हे प्रिय सच बोलो.
....
अषाण
के बादल
गरज गरज कर
काफी जल बरसाते हैं
और हवा के झोंकों
संग मिलकर
सराबोर कर जाते हैं
हे प्रिय सच बोलो
क्या तुमने इनसे कोई
संदेश मुझे भिजवाया है
हे प्रिय सच बोलो
क्या ये अविरत बारिश
तेरे आंसू हैं
क्या तू भी रो-रोकर
मुझे याद करती है
या फ़िर तूने
ये बारिश
मेरे आंसू धुलने को भेजी है
क्या अब मेरा
रोना भी बेकार है
क्या अब तेरे दिल ने
मेरे लिए धडकना
भुला दिया है
हे प्रिय कुछ तो बोलो....
सर्दी में जब सर्द हवा
खून जमाती है
और उसके झोंके
नश्तर
के जैसे
बदन को चुभते हैं
हे प्रिय सच बोलो
क्या तुमने इनसे कोई
संदेश मुझे भिजवाया है
हे प्रिय सच बोलो
क्या ये नश्तर सी
चुभती सर्दी से तुम
अपनी याद दिलाती हो
या फ़िर तुमने
सर्दी के सारे
इंतजाम कर रखे हैं
आग जलाकर, गरम कपडों में
तुम सर्दी का
आनंद उठाती हो
हे प्रिय सच बोलो
क्या तू मुझको
बिल्कुल भूल गई है
क्या अब तुझको मेरी
बिल्कुल भी याद नहीं आती
क्या तुम इन सब मौसम के
आनंद उठाती हो
जबकि मैं घुट-घुटकर
तिल तिल करके
हर मौसम में
थोड़ा थोड़ा मरता हूँ
हे प्रियतम अब तो सच बोलो....